मुद्रा: – दोनों हाथों की बीच वाली उंगली के नाखून मिलाने हैं और बाकी की उँगलियाँ सीधी रखनी हैं, जोड़नी नहीं हैं। – इस मुद्रा को रोजाना 15-45 मिनट करने से फेफड़े की क्षमता बढ़ेगी और अस्थमा होगा
प्राणायाम: – इसको हम अनुलोम-विलोम के नाम से भी जानते हैं। इसमे हमे लेफ्ट nostrill से सांस लेनी हैं और राइट से छोड़नी है फिर राइट से लेनी है और लेफ्ट से छोड़नी है।