डॉ मनोज मित्तल द्वारा बताए गए दुनिया की पहली जड़ी बूटी जिससे शुगर और अन्य रोग जड़ से खत्म होंगे लेकिन इसके लिए आपको यह आर्टिकल अच्छे से पढ़ना होगा।
हेलो दोस्तों यह बात तो हम सभी जानते हैं कि आजकल के समय में सभी लोगों को बाहर का खाना बहुत ज्यादा पसंद है जबकी वह शरीर के लिए बहुत नुकसानदायक है। जिसकी वजह से हमें बहुत से रोगों का सामना करना पड़ता है। आजकल सबसे ज्यादा जो बीमारियां देखने को मिलती है वह शुगर, हाई ब्लड प्रेशर, लो ब्लड प्रेशर आदि है। दोस्तों हमें अपने शरीर का ध्यान रखना चाहिए हमें खाने-पीने में लापरवाही नहीं करनी चाहिए अगर कोई बीमारी हो भी जाती है तो डॉक्टर के पास जाने से अच्छा है हम उसका देसी इलाज कराएं। जो हमारी हेल्थ को भी इफेक्ट नहीं करता है।
टॉप 10 बीमारियों को ठीक करने का साधारण इलाज आइए जानते हैं
आजकल के मॉर्डन जमाने में जो टॉप टेन बीमारियां होती हैं उससे बचने के लिए हमें नीम के पेड़ का इस्तेमाल करना चाहिए जिस पर सभी चीज फायदे देती हैं नीम के पत्ते, निंबोली, नीम की छाल नीम के पेड़ के सभी हिस्से हमारे शरीर में फायदा करते है।
नीम के पेड़ पर जो निंबोली होती है उसकी कीमत बहुत कम लोगों को पता है। इसकी कीमत समय रहते पहचानी होगी क्योंकि यह हमें कई बीमारियों से बचाती है जैसे शुगर से, मोटापे से, इंफेक्शन से, स्किन डिसीज से, फंगल इंफेक्शन से और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से भी। लेकिन उसके लिए हमें समय रहते निंबोली की वैल्यू को पहचानना होगा।
आजकल के मौसम में अर्थात गर्मी और बरसात के मौसम में जैसे बहुत से लोग शरबत ज्यादा पीते हैं। या आप बहुत ज्यादा खा लेते हैं या कुछ भी मीठा ज्यादा खाते हैं। उसमें निंबोली बहुत फायदा करती हैं एक, दो या ज्यादा से ज्यादा चार निंबोली को सुबह के टाइम मुंह में डालकर चबानी है जिससे बहुत ज्यादा फायदे होंगे। ऐसी बातें हमें सभी को बतानी चाहिए जिससे हमें ऑपरेशन ना कराना पड़े डॉक्टर के पास ना जाना पड़े दवाई है ना खानी पड़े इन सभी से बचने के लिए हमें इसे फॉलो करना चाहिए।
निंबोली को अंडरस्टीमेट ना करें क्योंकि यह इतनी महंगी नहीं होती हैं अगर आप इन्हें सब्जी मंडी से भी लेकर आते हैं तो 10 से ₹12 किलो में आपको निंबोली मिल जाती हैं। और अगर देखा जाए तो भारत में नीम के पेड़ इतने हैं कि यह आमतौर पर सभी जगह मिल जाती हैं। निंबोली को संस्कृत में अरिष्ट कहते हैं। और इसका मतलब होता है कि जो कभी खत्म ना हो। जैसे जब हम दो बूंद पोलियो की पीते हैं तो उस दवाई का असर 100 साल तक रहता है इसी प्रकार निंबोली खाने से हमें अगले सीजन तक यह हेल्दी रखेगी। इसकी मात्रा ज्यादा नहीं लेनी है केवल एक, दो ही लेनी है।
इस पर कुछ साइंटिफिक रिसर्च हुई है हम पूरे साल नीम के दो छोटी-छोटी डाली से पत्ते अलग करके उन्हें चबा सकते हैं। परंतु यह सीजन ऐसा है जिसमें 10 से 20 दिन तक निंबोली आती हैं और इन्हें खाने से हम लगभग 1 साल तक निरोगी रह सकते हैं।
निंबोली खाने से होने वाले फायदे
- यह वेट लॉस में बहुत हेल्प करती है। और जिस प्रकार हम नीम के पत्तों का रस पीते हैं उसी प्रकार हम निंबोली को पानी में भिगोकर भी पी सकते हैं। नीम का पेड़ कड़वा होता है लेकिन निंबोली में मिठास होती है और इसमें बीज बहुत मोटा रहता है जो आराम से निकल जाता है। तो हमारे पास लगभग 1 मिलीग्राम का गूदा बचता है जो बहुत फायदेमंद होता है।
- जब किसी को मोटापा कब्ज की बीमारी होती है तो उसकी ऑटोफेजिक बिलकुल जीरो हो जाती है लेकिन जब हम कोई कड़वी चीज खाते हैं तो हमारे शरीर में ऑटोफेजिक एक्टिव हो जाति है। जो हमारे शरीर में एक्स्ट्रा का फेट बर्न होने लगेगा। और वैसे अब चतुर्मास का समय भी है जो 10 जुलाई से 4 नवंबर तक होता है इसमें यदि आप एक समय खाना खाएंगे तो खुद से ही ऑटोफेजिक एक्टिव हो जाती है।
- निंबोली हमें शुगर की बीमारी से भी बचाती है। क्योंकि जो कड़वी चीजें होती हैं उनका काम हमारे ब्लड को प्यूरिफाई करना और रेक्टिफाई करना होता है। साल भर हम नीम के पत्ते खा सकते हैं लेकिन 15 से 20 दिन तक इतना निंबोली आती है निंबोली को खाना चाहिए। क्योंकि निंबोली के अंदर काफी बायो एक्टिव कंपाउंड्स होते हैं। इसके अंदर फ्लैबीनाइडस और सटिरनालडस होते हैं जो हमारे पैंक्रियास को एक्टिव करते हैं और हमें शुगर होने से बचाते हैं।
- जिससे पाचन क्रिया में दिक्कत होती हो और जिसे आईबीएस की दिक्कत है यानी जिसे बार बार पॉटी जाना पड़ता है निंबोली लेने से उनका पाचन ठीक हो जाएगा।
- हमारी स्किन हमेशा हेल्दी रहे, फ्लैक्सिबल रहे और चमकती रहे उसके लिए निंबोली बहुत ही ज्यादा फायदेमंद है। यह हमें फंगल इंफेक्शन से, मुहांसों से, खारिश खुजली से और एग्जिमा से बचाती है। इसलिए निंबोली जरूर खानी चाहिए।
- हमारी स्किन पर मच्छर ज्यादा काटते हैं जिसका कारण ज्यादा मीठा खाना, ज्यादा नमक खाना या फैटी खाना होता है। इसमें भी निंबोली बहुत ज्यादा फायदा देती है लेकिन फिर भी हमें मीठा और नमक और फैटी फूड कम खाना चाहिए।
- निंबोली का तेल भी बनता है । यदि उसका यूज़ हम रिफिल में करें (जो मच्छर मारने की रिफिल आती है उसमें) तो मच्छर बिल्कुल खत्म हो जाएंगे।
- मलेरिया के बुखार में भी निंबोली बहुत ज्यादा फायदेमंद है। दिन में तीन बार तीन तीन निंबोली खा ले जिससे आपके मलेरिया के बुखार में बहुत ज्यादा आराम होगा। क्योंकि हमारा ब्लड प्यूरीफायर होता है जिससे बुखार दूर भाग जाता है।
- अगर हम निंबोली को चबातें हैं तो हमारे मुंह की स्मैल खत्म हो जाती है। हमारे मुंह में स्मेल दो तीन कारणों से होती है या तो हमारा पेट साफ ना हो या हमारे दांतो में कुछ फंसा हो जिससे हमारे मुंह में स्मेल पैदा होती है। आप नीम के पत्ते चबा सकते हैं जिससे आपके मुंह की स्मेल खत्म हो जाएगी।
- यह कैंसर जैसी बीमारी से भी बचाने में मददगार सिद्ध होता है। अगर हम निंबोली स्लो स्लो खाते रहे तो यह हमारे बॉडी के सेल्स को एक्टिव रखती है। निंबोली हमारे सेल्स के ऊपर प्रोटेक्शन की लेयर बनाती है। इसलिए निंबोली का प्रयोग जरूर करना चाहिए।
Disclaimer – इस आर्टिकल में हमने आपको निंबोली से होने वाले फायदे के बारे में बताया है कोई भी दवाई उपचार या फिर डाइट को फॉलो करने से पहले आपको अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी है।