आँख आना : क्या संक्रमित व्यक्ति की आँखों में देखने से आपको भी हो सकता है पिंक आई ?

pink eye

हमारे देश में, खासकर राजधानी दिल्ली आँख आने के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। इसे समस्या को पिंक आई नाम से भी जाना जाता है। यह अद्भुत और चिंताजनक समस्या है जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। आज करनालप्लस के इस ब्लॉग में हम इस विषय पर चर्चा करेंगे और जानेंगे कि आँख आने का कारण क्या है और इससे बचने के उपाय क्या हैं।

आँख आने का कारण

पिंक आई की स्थिति का मुख्य कारण विषाणुओं से होने वाले संक्रमण के कारण होता है। यह संक्रमण आमतौर पर कान-नाक-गले के संक्रमण या फिर कई बार आधारभूत हाइज़ीन से फैलता है। यह संक्रमण ज्यादातर व्यक्ति के शरीर के सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित करता है जिससे उन्हें लाल रंग की आँखों का सामना करना पड़ता है।

क्या पिंक आई से संक्रमित व्यक्ति की आँखों में देखने से आप भी संक्रमित हो सकते हैं ?

ये बस एक कोरी अवधारणा है कि एक संक्रमित इंसान की आँखों में देखने से भी ये संक्रमण फैल सकता है। जबकि इसमे कोई सच्चाई नहीं है। हाँ यदि संक्रमित व्यक्ति की आँखों में इस्तेमाल किया हुआ कपड़ा, मेक अप, या कोई भी ऐसा समान जिससे इसके विषाणु दूसरे व्यक्ति में स्थानांतरित हो सकते हैं तो जरूर इसका इन्फेक्शन फैल सकता है।

आँख आने के लक्षण

पिंक आई होने पर व्यक्ति की आँखों के सफेद हिस्से की जगह लाल या गुलाबी रंग दिखाई देता है। यह समस्या आँखों की सूजन या संक्रमण के कारण हो सकती है। यह रोग आमतौर पर एक आँख में होता है, लेकिन कई बार दोनों आँखों में भी देखा जा सकता है।

पिंक आई से बचने के उपाय

साफ़ सफाई का ध्यान रखें

हमेशा अपने हाथों को साफ़ करके अपनी आँखों को छूने से पहले धोएं। संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए अपने आँखों को हर समय साफ़ रखना महत्वपूर्ण है।

मास्क और हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें

किसी भी संक्रमण से बचने के लिए मास्क पहनना और हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करना आवश्यक है। खासतौर से भी जब आप किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में हों।

डॉक्टर की सलाह लें

यदि आपको आँख आने के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो आपको तुरंत एक डॉक्टर से मिलना चाहिए। डॉक्टर आपकी स्थिति का निश्चित कारण निर्धारित करेंगे और उचित उपचार सुझाएंगे।

आँखों की देखभाल

अपनी आँखों की देखभाल के लिए विशेष ध्यान दें। लंबे समय तक स्क्रीनों के सामने बैठने से बचें, नियमित रूप से आँखों की व्यायाम करें और समय-समय पर आँखों की जाँच करवाएं।

पिंक आई

तो दोस्तों, यदि आप अपनी सेहत को सुरक्षित रखना चाहते हैं और आँख आने से बचना चाहते हैं, तो उपरोक्त उपायों का पालन करें। आँख आने के चलते अनगिनत समस्याएं हो सकती हैं, जिससे आपके दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए, इसे नज़रअंदाज़ न करें और जल्द से जल्द इसके उपचार के लिए एक विशेषज्ञ के पास जाएं।

आशा है कि आपको यह ब्लॉग पसंद आया होगा और आपके लिए उपयोगी रहेगा। अपने प्रियजनों के साथ इसे शेयर करके उन्हें भी इस महत्वपूर्ण विषय के बारे में जागरूक करें।

धन्यवाद और अपनी सेहत का खयाल रखें !

Disclaimer – Karnalplus सिर्फ एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है। जहां स्वस्थ प्रदाता द्वारा दी गयी जानकारियाँ लोगों तक पहुंचाई जाती है। यहाँ दी गयी कोई भी जानकारी, सलाह, सुझाव, नुस्खा, उपाय, उपचार या थेरेपी आजमाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लें और अपनी समझ से काम लें। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या या इससे जुड़े विवादों के लिए Karnal Plus जिम्मेदार नहीं होगा।

KarnalPlus से संपर्क करने लिए यहाँ क्लिक करें—— KarnalPlus Contact

Karnal Plus के Facebook पेज पे जाने के लिए यहाँ क्लिक करें —— Karnal Plus Facebook

Karnal Plus

Karnal Plus prime motto is to provide home remedies , basic tips to improve health and fitness with various therapy like acupressure, Ayurveda, nature therapy, home remedies, naturopathy, yoga, facial yoga, home workout, yoga for women, gharelu nuskhe, reflexology, therapy

View all posts

श्रेणियां

Karnal Plus

Karnal Plus prime motto is to provide home remedies , basic tips to improve health and fitness with various therapy like acupressure, Ayurveda, nature therapy, home remedies, naturopathy, yoga, facial yoga, home workout, yoga for women, gharelu nuskhe, reflexology, therapy